आकाशगंगाएँ (तारे , नेबुला, सुपरनोवा,प्लसर) | Galaxy (star, nebula, supernova, pulser) | Geography in hindi

Geography in hindi | Galaxy | Star | Nebula | Supernova | black hole | 

              

   आकाशगंगा | Galaxy


Hello दोस्तों स्वागत है आप सभी का , उम्मीद करता हुँ कि आप रेगुलर होगे और अच्छे से अपनी तैयारी कर रहे होगे | दोस्तों हमारी Site पर डाले गए NCERT Notes , Govt के सभी Competitive Exams जैसे  SSC CGL|RAILWAY EXAMS |HSSC EXAMS|IAS EXAMS|UPSC EXAMS| BANK EXAMS| SSC CHSL आदि किसी भी Exams की तैयारी के लिए Best Notes हैं । आज हमारा टॉपिक होगा आकाशगंगा, तारे, ब्लैक होल के बारे में , जों हम डिटेल में पढ़ेगे| तो चलिए शुरु करते है |


आकाशगंगा | Galaxy -:


# आकाशगंगा एक ऐसा विशाल पुंज है जिसमे अनगिनत तारे है | इसमें एक केन्द्र और तीन घूर्णनशील भुजाए होती है | ब्रह्मांड में लगभग 100 अरब आकाशगंगाए है | 


आकाशगंगाओं के प्रकार | Types of Galaxy -  


आकाशगंगाए तीन प्रकार की होती है |

1. अनियमित (3%)

2. दीर्घवृतीय (17%)

3. सर्पिलाकार (80%)


1. अनियमित आकाशगंगा | Irregular galaxy -

अनियमित आकाशगंगा ऐसी आकाशगंगा जिसका कोई आकार न हो | वह किसी भी आकार में हो सकती है | ब्रह्मांड में ये आकाशगंगाए 3 % पाई जाती है |


2. दीर्घवृतीय आकाशगंगा | Elliptical galaxy -

दीर्घवृतीय आकाशगंगा ऐसी आकाशगंगाए जों तिरछे वृत्त के आकार में हो | ब्रह्मांड में ये 17 % पाई जाति है |


3. सर्पिलाकार आकाशगंगा | Spiral galaxy - 

ये आकाशगंगा सर्प के आकार में पाई जाती है | ब्रह्मांड में ये 80 % पाई जाती है | जिनमे हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी भी शामिल है |




Morley- Minto reform 1909 | मार्ले मिंटो सुधार 1909 । POLITY IN HINDI



हमारी आकाशगंगा -:  मिल्की वे | Milky way





# हमारी आकाशगंगा को मंदाकिनी या दुगधमेला (मिल्की वे) भी कहा जाता है | 

# हमारा सौरमंडल इसी आकाशगंगा के मध्य भुजा में स्थित है |

# हमारी आकाशगंगा सर्पिला आकार की है | जिसका एक बड़ा केन्द्र है और उसी में से निकलती वक्र भुजाए है |

# हमारी आकाशगंगा के सबसे निकट की आकाशगंगा देवयानी (एन्ड़ेरोमेडा) है |

नोट- हमारा सूर्य मिल्की वे के केन्द्र से काफी दूर है |


नेबुला | Nebula -:





यह एक अत्यधिक प्रकाशित आकाशीय पिंड है ,जों गेसों एंंव धुल के कणों से बना है अर्थात गैैस व धूलकण से मिलकर बने बादल को नेबुला कहा जाता है |

आरियन नेबुला हमारी आकाशगंगा का सबसे शीतल और चमकीले बादलो का समूह है |


तारे | Star -: 


ऐसे खगोलीय पिंड जों लगातार स्वयं का प्रकाश व ऊष्मा उत्सर्जित करते है | तारों में नाभिकीय संलयन होता है , जिसमे 2 हाड्रोजन मिलकर हीलियम में बदल जाते है | और वही से प्रकाश की उत्पति होती है |

तारों का निर्माण ब्रह्मांड में उपस्थित गैस के बादलों में परस्पर गुरुत्वाकर्षण के कारण होता है | तारे में हाड्रोजन  70 % और हीलियम 28 % जबकि अन्य 2 % होते है |


चंद्रशेखर लिमिट | Chandrasekhar Limit -


चंद्रशेखर कहते है कि ऐसा तारा जिसका द्रव्यमान , सूर्य के द्रव्यमान से 1.44 गुना ज्यादा होता है | वह या तो ब्लैक होल बनता है या न्यूट्रॉन स्टार बनता है | इसी संकल्पना को चंद्रशेखर लिमिट कहा गया है |

इसी संकल्पना के लिए सुब्रमण्यम चंद्रशेखर को 1983 में नोबल पुरस्कार दिया गया |


तारे का जीवन चक्र | Star life cycle -:



तारे को निर्माण गैसों  के बादलों के गुरुत्वाकर्षण के कारण होता है | तारे के अंदर बीच में कोर होता है जिसमे अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल होता है | जों तारे के द्रव्यमान को अपनी ओर खीचता है | 

परन्तु तारे के केन्द्र में नाभिकीय संलयन होता है तो यहाँ से बहुत अधिक उर्जा निकलती है | जों चीजों को बहार की और फेंकता है, जिससे तारे की स्थिति समान बनी रहती है| 

परन्तु एक समय ऐसा आता है जब तारे के केन्द्र का ईंधन समाप्त हो जाता है और जैसे ही ईंधन समाप्त होता है तो केन्द्र द्रव्यमान को खीचेगा और पूरा द्रव्यमान केन्द्र में आ जाएगा।

जिससे विस्फोट होगा और तारे का अंत हो जायेगा |


सुपरनोवा | Supernova -




अगर विस्फोट बहुत ज्यादा है तो सुपरनोवा बनता है | और अगर विस्फोट कम है तो नोवा  (Planetary nebula) बनेगा |


न्यूट्रॉन तारा | Nutron Star -



अब सुपरनोवा बनने के बाद जिस तारे का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान 1.44 से 3 गुना के अंदर होगा वो न्युर्टोन स्टार बनेगा | और यदि तारे का द्रव्यमान 1.44 से 3 गुना से भी ज्यादा है तो वो ब्लैक होल में परिवर्तित हो जाएगा|


पल्सर | Pulser -


न्यूट्रॉन तारा बनने के बाद तेजी से घूमता है और इसी बीच 

इसमें से मैगनेट निकलता है व एक लाइट की बीम 

निकलती है , यही पल्सर होता है |


ब्लैक होल | Black hole -:



ब्रह्मांड का ऐसा स्थान जहाँँ गुरुत्वाकर्षण और घनत्व अनंत होता है | इतना ज्यादा की प्रकाश भी इससे बच नही सकता | यह स्पेसटाइम का एक ऐसा क्षेत्र है ,जों गुरुत्वाकर्षण त्वरण को इतना मजबूत प्रदर्शित करता है कि इस से कुछ भी पास नही हो सकता |


तारामंडल | Star Constellation - 

तारों का समूह है जिसकी विशेष आकृति हो, वह तारामंडल है । ब्रह्मांड में कुल तारामंडल तारामंडल की संख्या 88 है । जबकि कहीं-कहीं 89 तारामंडल भी पढ़ाए जाते है। परंतु  IAU (इंटरनेशनल एस्टॉनोमिकल यूनिट) दवारा 88 ज्ञात तारामंडल बताए गए हैं। 

◆  सबसे बड़ा तारामंडल( तारों के हिसाब से) सैंटोरस है। जिसमें 94 तारें हैं ।

◆  सबसे बड़ा तारामंडल( आकार के हिसाब से) हाइड्रा है । जिसमें 68 तारें है ।

◆ सबसे छोटा तारामंडल त्रिंकुश है । जिसे सदन क्रॉस या दक्षिण कांटा भी कहते हैं इसे कुल 4 तारें है।


कुछ अन्य प्रमुख तारामंडल-

◆  वृहद सप्त ऋषि तारामंडल

◆  लघु सप्त ऋषि तारामंडल

◆  मृग तारामंडल (ओरियन तारामंडल या शिकारी तारामडल भी कहा जाता है)


महत्वपूर्ण तारें | Important Star -

 

1. साइरस-

● इसे dog star भी कहते हैं । 

● यह सूर्य के द्रव्यमान का 2 गुना है ।

● यह सूर्य से 20 गुना ज्यादा चमकीला है ।

● पृथ्वी से 9 प्रकाश वर्ष दूर है ।

● पृथ्वी से दिखने वाला सबसे चमकीला तारा ।

 

2. प्रॉक्सिमा सेंचुरी- 

● हमारे सौरमंडल के सबसे निकटतम तारा ।

● इसका ग्रह प्रॉक्सिमा- बी ।

 

3. ध्रुव तारा-

● पृथ्वी के ऊपर ऊपर 90 डिग्री का कोण बनाती हैं ।

● यह पश्चिम से पूर्व में घूर्णन करता है ।

● यह प्राचीन काल से दिशा निर्धारण करता रहा है।

● वर्तमान में अक्षांश रेखाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।

● ध्रुव तारा लघु सप्त ऋषि के आगे पाया जाता है।

● ध्रुव तारा वृहद सप्त ऋषि के पीछे पाया जाता है।


तो दोस्तों ये थी आज की अपनी क्लास , उम्मीद है कि आपको अच्छे  से समझ आई होगी |दोस्तों ये क्लासे हर एक Govt exam के लिए बहुत उपयोगी है | क्लास को शेयर करे और ऐसे ही पढ़ते रहे और जुड़े रहे ऐसे ही अनछुए तथ्यों को जानने के लिए | 

                                             

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                        धन्यवाद



 


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