Solar system planets in order
हल्लों दोस्तों स्वागत है आप सभी का आपके अपने प्लेटफॉर्म AAPART STUDY पर । दोस्तों जैसे कि आप सभी जानते हैं, हम कर रहे हैं अपने आने वाले एग्जामो की तैयारी और मुझे उम्मीद है कि आप अपनी तैयारी अच्छे से कर रहे होंगे । आज हमारी Geography की पाचवीं क्लास है जो हमारे ग्रहों के बारे में है। अगर आपने पिछली क्लासें नहीं देखी है तो आप लिस्ट में जाकर उन क्लासों को देख सकते हैं ।
ग्रह
परिभाषा-
IAU (इंटरनेशनल एस्टॉनोमिकल यूनियन) ने 2006 में अपनी 26 वी बैठक में (जो प्राग यूरोप में हुई) ग्रह की परिभाषा देते हुए कहा कि अगर कोई खगोलीय पिंड सूर्य की परिक्रमा करता है और उसका निश्चित द्रव्यमान है और उसकी एक निश्चित कक्षा है, तो उसे ही ग्रह कहा जाएगा ।
सामान्य परिभाषा-
एक ऐसा खगोलीय पिंड जो किसी तारे की परिक्रमा करता है । परंतु यह परिभाषा अधूरी है ।
विशेषताएं-
■ हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह हैं जिनका क्रम सूर्य से निम्न प्रकार से है- बुध -> शुक्र -> पृथ्वी -> मंगल -> बृहस्पति -> शनि -> अरुण -> वरुण
★ प्लूटो को कुछ ही साल पहले ग्रह की श्रेणी से बाहर निकाल दिया गया है ।
■ परिक्रमण दिशा-
पूर्व से पश्चिम घुमने वाले ग्रह- शुक्र, यूरेनस (अरुण)। ये दक्षिणावर्त (क्लॉक वाइज) घूमते हैं।
पश्चिम से पूर्व घुमने वाले ग्रह- बुध, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, नेपच्यून (वरुण) । ये एंटी क्लॉक वाइज घुमते है ।
■ ग्रह का अपना प्रकाश नहीं होता । ये अपने तारे से प्रकाशशील होते हैं । जैसे चंद्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं है परंतु वह सूर्य के प्रकाश से रात में चमकता है ।
■ इनका परिक्रमण काल इनकी तारे से दूरी पर आधारित होता हैं ।
ग्रहों के प्रकार-
1. आंतरिक / पार्थिव ग्रह- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल।
2. बाह्य ग्रह / जोवियन ग्रह / गैसीय ग्रह- बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण ।
1. आंतरिक ग्रह-
◆ ये ग्रह सूर्य के निकट है ।
◆ ये ठोस होते हैं । इनमें भूपर्पटी पाई जाती है और चट्टाने पाई जाती हैं ।
◆ इनका कोर भारी धातु से बना होता है ।
◆ इनका दूसरा नाम पार्थिव ग्रह है ।
2. बाह्य ग्रह-
बाह्य ग्रह 3 भागों में बांटे जाते हैं- गैसीय दानव, बर्फ दानव, बौने ग्रह ।
◆ गैसीय दानव-
बृहस्पति, शनि दोनों गैसीय दानव ग्रह है। इनका पृष्ठ गैसीय है । इनका कोर हल्की धातु से बना हुआ है ।
◆ बर्फ दानव-
यूरेनस और नेपच्यून बर्फीले दानव है । यहां बर्फीले तूफान आते हैं । यहां पर मिथेन गैस पाई जाती है।
◆ बौने ग्रह-
एरिस, प्लुटो, मेकमेक बोने ग्रह है । वैसे तो ये भी सूर्य के चक्कर लगाते हैं इनका द्रव्यमान और आकार भी है, परंतु इनकी कोई निश्चित कक्षा नहीं है इसलिए इन्हें ग्रह की श्रेणी में नहीं रखा गया ।
ग्रहों का घुर्णन और परिक्रमण-
■ घूर्णन गति (Rotation)- पिंड का अपने अक्ष पर घूमना, उस पिंड की घूर्णन गति कहलाता है ।
■ परिक्रमण गति (Revolution)- एक पिंड का किसी अन्य पिंड के चक्कर लगाना, परिक्रमण कहलाता है । जैसे पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है ।
■ किसी भी ग्रह का घूर्णन उस ग्रह के वातावरण पर निर्भर होता है ।
■ किसी भी ग्रह का परिक्रमण काल सूर्य से उसकी दूरी पर निर्भर करता है ।
■ पृथ्वी अपना एक घूर्णन 23 घंटे 56 मिनट में तय करती है ।
■ पृथ्वी अपना परिक्रमण 365.24 दिन या 1 साल में करती है ।
■ बुध की परिक्रमण गति सबसे ज्यादा है- 40 km/s ।
बुध ग्रह
• बुध ग्रह पश्चिम से पूर्व की ओर घूमता है अर्थात यह वामावर्त घूमता है ।
• इसका परिक्रमण काल 88 दिन का है ।
• इसका घूर्णन काल 58.5 दिन होता है ।
• यह सबसे छोटा ग्रह है ।
• इसका कोई उपग्रह नहीं है ।
• सर्वाधिक कक्षीय गति (सबसे तीव्र परिक्रमण)- 48 km/s ।
• सर्वाधिक तापांतर- [-173℃ - 427℃] तापांतर का मतलब-तापों के बीच का अंतर । इसकी जो सतह सूर्य की तरफ होती है । वहां तापमान 427℃ रहता है । जबकि दूसरी ओर तापमान -173℃ रहता है । तो तापों के बीच का अंतर 600℃ हूआ,जो सभी ग्रहों में सबसे अधिक है ।
• बुध पर भेजे गए मिशन-
1. मेरिनर-10 (1970) & मैसेंजर- नासा द्वारा
2. बैपी कोलंबो- यूरोप और जापान द्वारा
3. मियो- जापान द्वारा
शुक्र ग्रह
• शुक्र ग्रह पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है अर्थात दक्षिणावर्त घूमता है ।
• इसका परिक्रमण काल 225 दिन होता है
• इसका घुर्णन काल 243 दिन है । यह घुर्णन करने मे सर्वाधिक समय लेता है ।
• पृथ्वी का सबसे निकटतम ग्रह है ।
• चंद्रमा के बाद रात्रि आकाश में दिखाई देने वाली सबसे चमकीली प्राकृतिक वस्तु है ।
• यह सबसे चमकीला ग्रह है ।
• इसे भोर या सांझ का तारा भी कहते हैं ।
• समान आकार, गुरुत्वाकर्षण और संरचना के कारण इसे 'पृथ्वी की बहन' भी कहा जाता है ।
• यह 96% कार्बन डाइऑक्साइड से बना है । इसलिए यह सबसे गर्म ग्रह कहलाता है ।
• इसका कोई उपग्रह नहीं है ।
• शुक्र पर भेजे गए मिशन-
1. मेरिनर-2 और मेरिनर-5 - (नासा) द्वारा
2. वनेरा - (रसिया) द्वारा
3. कैसीनी - (नासा + यूरोप + एएसआई) द्वारा
4. शुक्रयान-1 - (इसरो) द्वारा 2023 में आने वाला मिशन
दोस्तो यह थी आज की अपनी क्लास । उम्मीद है आप सबको क्लास अच्छी लगी होगी । क्लास को शेयर करें और अगर आपकी पढ़ाई से संबंधित कोई भी समस्या है, तो उसे कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें । धन्यवाद



0 Comments
Please do not enter any spem link in comment box.