ब्रहमांड की उत्पत्ति(Origin of Universe )

                  ब्रहमांड की उत्पत्ति


 जब भी कोई आसमान की तरफ देखता है,तो उसके मन में एक उत्सुकता जरूर होती है यह जानने की, कि ये सब कहा से आया। तो दोस्तों विज्ञान को जो तथ्य मिले है उनके आधार पर Real Images के साथ आज आपके हर सवाल का जबाब  हम आपको देंगे 


जरूरी नोट-:  दोस्तोंं अगर आप किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो मेरा एक सुझाव है। जो भी पढ़े उसे Detail में पढ़े क्योंकि Question का क्या पता कहा से आ जाए।अगर आपने Detail में पढ़़ा हैं । तो आप आसानी से उसका हल निकल सकते हैं ।और मेें आपको पुरी Detail में पढ़ाऊगा।
     
                                     ब्रहमांड

ब्रह्मांड का अध्ययन कॉस्मोलॉजी कहलाता है

ब्रह्मांड अनंत असीमित और लगातार विस्तृत है। इसमें विभिन्न उपग्रह ग्रह तारे आकाशगंगाएँ इत्यादि समस्त खगोलीय पिंड आते हैं

परिभाषाजो भी इस दुनिया के अन्दर है या जिस चीज का अस्तित्व इस दुनिया के अन्दर है, वह ब्रहमांड है। वैज्ञानिकों की माने तो बिग बैंग से पहले ब्रहमांड एक सघन बिंदु में समाया था। बिग बैंग के बाद फैलना शुरू हुआ और फैलता ही जा रहा है । ब्रहमांड को लेकर वर्तमान में  6 सिद्धांत है। जो निम्न है-

ब्रह्मांड की उत्पति संबंधित अवधारणाए-:

1. कल्पना मात्र

2. सिद्धांत


1. कल्पना मात्र-  इनके द्वारा  कल्पना की गई की ऐसा है | परन्तु इनके पास कोई प्रमाण नही थे |


 1. क्लाडियस  टोलमी- 

# ये यूनान के दार्शनिक थे | 

# इन्होने कहा की पृथ्वी केन्द्र में है और सूर्य उसके चारों और चक्र लगा रहा है | 

# इसे भू-केंदित अवधारणा कहा गया |

 2. वराहमिहिर- 

# ये उज्जैन के दार्शनिक थे |

# सबसे पहले इन्होने बताया था कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है या उसके चारों और चक्र लगाती है |

 3. निकोल्स कापरनिक्स-

# ये पौलेंड के दार्शनिक थे |

# इन्होने 1543 AD में बताया कि सूर्य केन्द्र में है और बाकि ग्रह इसके चारों और चक्र लगा रहे है |

# इसे सूर्य-केंदित अवधारणा कहा गया |

# इसने बताया कि दैनिक गति में पृथ्वी अपने अक्ष पर घूम रही है , और वार्षिक गति में पृथ्वी सूर्य के चारों और चक्र लगा रही है |

# इसी कारण इन्हें आधुनिक खगोल शास्त्र के जनक कहा गया |

 4. एडविन हब्बल-

# ये USA से थे |

# इन्होने सबसे पहले बताया की ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है , और आकाशगंगाए एक दुसरे से दूर जा रही है |

# बिग-बैग होने के प्रमाण प्रस्तुत किये |

# इन्ही के नाम पर अमेरिका ने हब्बल टेलिस्कोप 1990 में लांच किया |


2. ब्रह्मांड उत्पति के सिद्धांत-  इनके पास प्रमाण थे की ऐसा है |

वर्तमान में ब्रह्मांड उत्पति को लेकर 6 सिद्धांत है |

  1. स्थिर अवस्था सिद्धांत

  2. दोलन सिद्धांत

  3. अनंत स्फीतिकरण सिद्धांत

  4. ब्रह्मांडीय दोलन सिद्धांत

  5. महाविस्फोट सिद्धांत

  6. सृष्टी रचना सिद्धांत

 

 1. स्थिर अवस्था सिद्धांत-

 # यह सिद्धांत थामस गोल्ड और हर्मन बांडी ने दिया |

 # इन्होने कहा कि पुरे ब्रह्मांड में नये-नये पदार्थो के कारण ब्रह्मांड का फैलाव हो रहा है | परन्तु ये नही मानते थे की ब्रह्मांड की उत्पति एक बिंदु से हुई है | साथ ही कहा कि ब्रह्मांड का न तो जन्म हुआ था और न ही अंत होगा | यह ऐसा ही था और रहेगा | 

 # परन्तु यह सिद्धांत तब फेल हो गया , जब हब्बल ने बताया कि ब्रह्मांड फैल रहा है |

2. दोलन सिद्धांत-

                                        


 # यह सिद्धांत एलन संडेज द्वारा दी गई थी |

 # इन्होने बताया कि जिस प्रकार एक दोलन होता है और वह अलग-अलग अवस्थाओ में मूव करता है और अंत में अपनी उसी स्थिति में आ जाता है , जिसमे वो पहले था | ठीक उसी प्रकार ब्रह्मांड में फैलता-फैलता एक दिन उसी एक बिंदु में समा जायेगा जिससे वह निकला था |

3. अनंत स्फीतिकरण सिद्धांत-

                                      


 # यह सिद्धांत अलेन गुथ ने दिया था |

 # इन्होने कहा की जिस स्फीतिकरण से हमारा ब्रह्मांड जन्मा , उसी प्रकार अनेक या अनंत स्फीतिकरण हो सकते है , और ये सब मिलकर अनेकों  ब्रह्मांड बना रहे होगे |

 4. ब्रह्मांडीय दोलन सिद्धांत-

                                            


  # यह ब्रह्मांड विशालकाय झिलियो से बना है जिन्हें ' Branes' कहते है | जों एक दुसरे से टकराते रहते है और जिस भी पॉइंट पर टकराते है वही बिग-बेंग होता है और फिर से फैल जाते है |

 5. सृष्टी रचना सिद्धांत-

  # यह सिद्धांत अनेकों धर्मो में अलग अलग ढंग से बताया जाता है | इसमें बताया जाता है कि किस प्रकार भगवन ने इस संसार की रचना की |

  6. महाविस्फोट सिद्धांत-

 

  # यह सिद्धांत जार्ज लेमेतेयर के द्व्रारा दिया गया |

  # वर्तमान में यही सबसे मान्य सिद्धांत है |

  # क्योकि यह फैलता जा रहा है , अतः हम कह सकते है कि शुरुआत में यह एक बिंदु पर ही रहा होगा |उसी बिंदु मात्र में सब कुछ था ,जों बाद में विस्फोट हुआ और फैैलता जा रहा है | अगर हम पीछे जाएं तो हमें 13.8 अरब वर्ष पूर्व एक अनंत घनत्व वह तापमान का बिंदु मिलेगा, इसे ही विलक्षणता कहते हैं इसकी अवधि 1 पलैक कॉल रही थी। गुरुत्वाकर्षण बल एवं अन्य सभी बल उसी बिंदु में था यही थावह अस्थिर ब्रह्मांड जो फैलना शुरू हुआ और बाद में ठंडा होता गया ।दिया गया चित्र अभी तक की पूरी प्रतिक्रिया दर्शाता है


 

तो दोस्तों ये था आज का अपना Topic , उमीद है आपको अच्छे से समझ आ गया होगा | इसे शेयर जरुर करे | अगर आपको कोई भी संदेह है तो आप हमे कमेंट कर सकते है | आपका संदेह तुरंत दूर किया जायेगा |

धन्यवाद |

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