indian council act (1861), indian council act (1892)

 indian councils act 1861 and 1892


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भारत परिषद अधिनियम (1861)-

★ ताज/रानी- विक्टोरिया 

★ वायसराय- लॉर्ड कैनिंग

                                          


प्रावधान -

■ पुनः विकेंद्रीकरण प्रारंभ (विधायी और न्यायिक) ।

■ 1773 व 1833 के द्वारा प्रारंभ केंद्रीकरण की प्रवृत्ति को कम किया गया ।

■ मद्रास व मुंबई के विधान परिषदों को पुनः विधायी2 शक्तियां प्रदान की गई ।

■ तीन नवीन प्रांतीय विधान परिषद बनाई गई- 

1. बंगाल (1862)

2. नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (1866) 

3. पंजाब (1897)


■ उच्च न्यायालय अधिनियम 1861-

इसके द्वारा मद्रास, बंबई, कोलकाता में 1862 में हाई कोर्ट की स्थापना विक्टोरिया द्वारा की गई । इनके नाम अब भी यही है 

इनके नाम चेंज करने की शक्ति संसद के पास है और इसका नाम चेंज करने के लिए एक बिल भी आया था परंतु वह laps गया था ।


■ भारत मे प्रशासन करने के तीन निकाय हो गए

1. UK में भारतीय सचिवालय या भारतीय परिषद 

2. भारत में वायसराय की कार्यकारी परिषद 

3. भारत में केंद्रीय विधान परिषद

■ वायसराय की कार्यकारी परिषद में 5वां सदस्य वित्त ( फाइनेंस) का जोड़ा गया और 6वां सदस्य लोग कार्यों के लिए 1874 में जोड़ा गया । 

■ वायरसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्यों की संख्या 4 से 6 हो गई ।


■ केंद्रीय विधान परिषद में गवर्नर न्यूनतम 6  और अधिक से अधिक 12 सदस्यों का नाम काम नामांकित कर सकता था । इनमें आधे सदस्य गैर सरकारी होने चाहिए ।


■ पहली बार गैर सरकारी सदस्य के रूप में तीन भारतीयों को चुना गया ।

■ 3 गैर सरकारी भारतीय सदस्य गवर्नर कैनिंग द्वारा चुने गए जो निम्न है- 

1.पटियाला के महाराजा नरेंद्र सिंह 

2. बनारस के राजा देव नारायण 

3. सर दिनकर राव 

इन्हें 2 सालों के लिए चुना गया । वहीं से भारतीयों को कानून निर्माण में शामिल करने की शुरुआत हुई ।


■ वायसराय को पहली बार अध्यादेश जारी करने की शक्ति दी गई और वह अध्यादेश को 6 माह की अवधि तक जारी कर सकता था । यह शक्ति उसे ICA 1861 से मिली ।

■ लॉर्ड कैनिंग कि विभागीय व्यवस्था 1858 को मान्यता मिली है जो एक प्रकार की मंत्रिमंडल व्यवस्था थी ।

नोट- लॉर्ड कैनिंग को विभागीय व्यवस्था का जनक कहा जाता है ।


EI स्टॉक लाभांश विमोचन अधिनियम 1873-

इस अधिनियम को 1 जून 1874 मे लाया गया और इस अधिनियम द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को खत्म किया गया ।


Royal Title's Act- 1878 (शाही उपाधि अधिनियम)-


प्रावधान-

■ इस अधिनियम के तहत महारानी विक्टोरिया को केसर ए हिंद की उपाधि मिली ।

■ इस समय वायसराय लॉर्ड लिटन थे ।

■ कार्यकारी परिषद मे 6th सदस्य की नियुक्ति जो लोक निर्माण का कार्य करेगा ।

■ 28 अप्रैल 1876 को विक्टोरिया को भारत की सामग्री घोषित किया गया । इस समय ब्रिटिश के प्रधानमंत्री डिसराइली थे । 

■ 1 जनवरी 1877 को दिल्ली दरबार लगाया गया । यह पहला दिल्ली दरबार था जो लॉर्ड लिटन ने लगाया । यह दरबार महारानी विक्टोरिया के सम्राट बनने के उपलक्ष में  लगाया गया । 

■ इस समय भारत के पश्चिम बंगाल में बहुत बड़ा अकाल पड़ा था और इसमें लगभग 55 लाख लोग मारे गए थे इस कारण इसका भारी विरोध हुआ ।


नोट- दिल्ली के 3 दरबार लगाए गए-

1. 1857 लॉर्ड लिटन- 

यह दरबार महारानी विक्टोरिया के सम्राज्ञी बनने के उपलक्ष में लगाया गया था ।

2. 1903 लॉर्ड कर्जन-

यह दरबार वायसराय लार कर्जन द्वारा एडवर्ड-7 के राजा बनने की खुशी में लगाया गया ।

3. 1911  लॉर्ड हार्डिंग-

यह दरबार लॉर्ड हार्डिंग के द्वारा जॉर्ज पंचम (ब्रिटेन के राजा) और मैरी के भारत आने की खुशी में लगाया गया । ऐसा पहली बार हुआ था कि कोई ब्रिटेन का राजा भारत आया हो ।


(INC) इंडियन नेशनल कांग्रेस की स्थापना 1885 में A.O Hume  ने की । इस समय वायसराय लॉर्ड डफरिन थे ।


भारत परिषद अधिनियम 1892-


★ ताज/रानी- महारानी विक्टोरिया 

★ वायसराय- लार्ड लैंसडाउन


प्रावधान-

■ गवर्नर की कार्यकारिणी में कोई परिवर्तन नहीं हुआ । इसमें अब भी 6 सदस्य हैं ।

■ केंद्रीय विधान परिषद व प्रांतीय विधान परिषद में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई । अब इसमें कम से कम 10 गैर सरकारी व अधिक से अधिक 16 सदस्य हो सकते थे ।

■ बजट व लोकहित मामलों में बहस करने की अनुमति दी गई । इसमें 6 दिन पहले सूचना देनी होती थी । उसके बाद ही आप प्रश्न पूछ सकते हैं


तो दोस्तों ये था आज का अपना सेशन , उम्मीद है आपको अच्छा लगा होगा और आपने अच्छे से पढ़ा होगा । अगर अच्छा लगा तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।

धन्यवाद 


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